pawansingla

Pawan Kumar Singla is a retired English lecturer living in Nabha, Punjab. He has studied B. Sc. (Medical), M. A. (English, Political Science), B. Ed., and has strong interest in Yoga, languages, and Indian traditions. He likes to learn new things in his life (started driving a car when he was 63 and can now type in four languages including Punjabi, Hindi, English and Sanskrit).
महाभारत के तीसरे खण्ड में सञ्जय धृतराष्ट्र को भारत वर्ष के जनपद जो कि आधुनिक युग में जिला या District के नाम से जाने जाते... Read More
महाभारत के तीसरे खण्ड में सञ्जय धृतराष्ट्र को उस समय की मुख्य नदीयों के नाम बताते हैं। वे इस प्रकार हैं– गङ्गा, सिन्धु, सरस्वती, गोदावरी, नर्मदा,... Read More
महाभारत के तीसरे खण्ड में धृतराष्ट्र सञ्जय से श्री कृष्ण के नामों के अर्थ तथा व्युतपत्ति के बारे में पूछते हैं तो सञ्जय अपनी सृमिति... Read More
ਉੱਠ ਜਾਗ ਘੁਰਾੜੇ ਮਾਰ ਨਹੀਂ, ਇਹ ਸੌਣ ਤੇਰੇ ਦਰਕਾਰ ਨਹੀਂ। ਇਕ ਰੋਜ਼ ਜਹਾਨੋਂ ਜਾਣਾ ਏ, ਜਾ ਕਬਰੇ ਵਿਚ ਸਮਾਣਾ ਏ, ਤੇਰਾ ਗੋਸ਼ਤ ਕੀੜਿਆਂ ਖਾਣਾ ਏ,... Read More
ਇਸ਼ਕ ਦੀ ਨਵੀਉਂ ਨਵੀਂ ਬਹਾਰ। ਜਾਂ ਮੈਂ ਸਬਕ ਇਸ਼ਕ ਦਾ ਪੜ੍ਹਿਆ, ਮਸਜਦ ਕੋਂਲੋਂ ਜੀਉੜਾ ਡਰਿਆ। ਡੇਰੇ ਜਾ ਠਾਕਰ ਦੇ ਵੜਿਆ, ਜਿੱਥੇ ਵੱਜਦੇ ਨਾਦ ਹਜਾਰ। ਜਾਂ... Read More
महाभारत के प्रथम खण्ड अनुसार जब कुरु राजकुमार बड़े होने लगे तो उनकी आरम्भिक शिक्षा का भार राजगुरु कृप के पास गया। उन्हीं से कुरु... Read More
इनके पाँच रूप हैं – भक्ष्य–जिनहें दाँतों से काट-काट कर खाया जाता है जैसे माल पूये भोज्य–दाँत का सहारा न लेकर जो केवल जिह्वा के... Read More
ये महाभारत के प्रथम खण्ड से लिया गया है जब कुरु राजकुमार तरुण अवस्था में गुरुकुल में अपनी शिक्षा पूर्ण कर हस्तिनापुर आ गये थे।... Read More
आदि तथा अन्त से रहित, ऐश्वर्य शाली, प्रभुता सम्पन्न तथा जगत् के स्वामी नारायण विष्णु ने प्राणियों को व्यामोह में डालने के लिये इस जगत्... Read More
नदियों के नाम उनके विशिष्ट शब्दगत अर्थ एवं गुणधर्म को लेकर प्रवृत होते हैं। इस सम्बन्ध में प्रसिद्ध पाश्चात्य विद्वान् मैक्समूलर के विचार माननीय हैं।... Read More
गाण्डीव धनुष का इतिहास बड़ा रहस्यमय है। इसके इतिहास में कई धनुषों का इतिहास छिपा है। यों महाभारत में तो इसके सम्बन्ध में इतना ही... Read More
पञ्चामृत का हम भोग लगाकर, प्रसाद के रूप में ग्रहण भी करते हैं। इस के बनाने की विधि की जानकारी हमें अवश्य होनी चाहिये। व्यवस्थाः-... Read More
मानव शरीर का उपचार विभिन्न प्रकार से किया जा सकता है। भारतीय पद्धति के अनुसार चिकित्सा पाँच प्रकार की होती है– मानवीय चिकित्सा – जड़ी-बूटी... Read More
श्रीमद्भगवद्गीता भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है। इस ग्रन्थ में विभिन्न प्रकार के आधायत्मिक रहस्यों का उल्लेखन किया गया है। पुरातन काल से यह... Read More
महाभारत के पञ्च खण्ड में ज्वर की उत्पत्ति का वर्णन आता है। ज्वर की अनुभूति शरीर के तापमान से होती है हमारे जीवन में विश्राम... Read More
गङ्गा नदी का नाम कुछ ऐसा है कि नाम सुनते ही मन में भक्ति भाव का प्रवाह होता है। शीतल जल तथा भारतीय संस्कृति में... Read More
आसन लगाने (Yogic Asana) से कुपथ्यजन्य रोग (Disease By intake of food or Acquired) तो होते ही नहीं और प्रारब्धजन्य रोगों (Disease already existing in... Read More
वे जो सदाशिव हैं, उन्हें परमपुरुष, ईश्वर, शिव, शम्भु और महेश्वर कहते हैं। वे अपने मस्तक पर आकाश-गङ्गा को धारण करते हैं। उनके भाल देश... Read More