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ब्रह्मा जी कहते हैं – नारद ! मेना और हिमवान् की भगवान् शिव के प्रति उच्चकोटी की अनन्य भक्त्ति देख इन्द्र आदि सब देवता परस्पर... Read More
वातावरण की रक्षा हेतु वृक्ष लगाना, विभिन्न प्रकार के प्राकृतिक तत्त्वों का अल्प प्रयोग तथा प्रदूषण को बढ़ावा ना देना ये सब आधुनिक जीवन की... Read More
असुरों से युद्ध के हेतु महान् दिव्य रथ में, जो अनेक विध आश्चर्यों से युक्त्त था, वेद रूपी अश्वों को जोत कर ब्रह्मा ने उसे... Read More
भारतीय ज्योतिष एक शास्त्र से कम नहीं है तथा पूर्ण रूप से वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित है। इस लेख में हम एक ऐसे उदाहरण का... Read More
भगवान् सुर्य की दस सन्तानें हैं। विश्वकर्मा की पुत्री संज्ञा (अश्विनी) नामक पत्नी से वैवस्वत मनु, यम, यमी (यमुना), अश्विनीकुमारद्वय और रेवन्त तथा छाया से... Read More
तिथि का आरम्भ, वार का आरम्भ तथा दिन का आरम्भ उस स्थानपर् सूर्योदय से होता है। अँगरेजी तारीख का आरम्भ आधी रात से होता है।... Read More
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार विभिन्न ग्रह निम्न शरीर रचनाओ को नियन्त्रित करते हैं- सूर्य – अस्थि, जैव-विद्धुत्, श्वसनतन्त्र, नेत्र। चन्द्रमा – रक्त्त, जल, अन्तःस्त्रावी ग्रन्थियाँ (... Read More
वर्तमान काल में दिव्य नदी गङ्गा का जल इतना प्रदूषित हो चुका है कि ये सिञ्चायी अथवा कपड़े धोने के लिये भी अयोग्य है। ये... Read More
पवित्राणां पवित्रं या मङ्गलानां च मङ्गलम् । महेश्वरशिरोभ्रष्टा सर्वपापहरा शुभा ।। गङ्गा गङ्गेति यो ब्रूयाद् योजनानां शतैरपि। मुच्यते सर्वपापेम्यो विष्णुलोकं स गच्छति।। स्नानात् पानाच्च जाह्नव्यां... Read More
सौरमास – इस मास का सम्बन्ध सूर्य से है। पृथ्वी की वार्षिक गति के कारण सूर्य विभिन्न राशियों को भोगता हुआ प्रतीत होता है। सूर्य... Read More
चान्द्र मासों के नाम नक्षत्रों के नाम पर रखे गये हैं। पूर्णिमा को जो नक्षत्र होता है, उस नक्षत्र के नाम पर उस मास का... Read More