sanskrit language

संस्कृत में सुविचार या सूक्तियाँ पढ़ने का अपना ही आनन्द है। संस्कृत सुभाषितानि करके गूगल पर प्रयोक्ता प्रायः ही खोज करते हैं ता कि उनको... Read More
अस्थि नास्ति शिरो नास्ति बाहुरस्ति निरङ्गुलिः। नास्ति पादद्वयं गाढम् अङ्गमालिङ्गति स्वयम्।। उत्तरम्: युतकम्   वृक्षाग्रवासी न च पक्षिराजः त्रिणेत्रधारी न च शूलपाणिः। त्वग्वस्त्रधारी न च सिद्धयोगी... Read More
संस्कृत भाषा में लघु कथायें सुनने का आनन्द इस लिये है कि ये कथायें प्रायः बालकों तथा बड़े-बूढ़ों का मनोरञ्जन करती हैं तथा साथ ही... Read More
जैसा कि हमने पहले भी देखा तथा पढ़ा है, संस्कृत भाषा में लघु कथायें पढ़ने का अपना ही आनन्द है। जो संस्कृत भाषा को सीख... Read More
संस्कृत भाषा में लघु कथा पढ़ने में एक भिन्न ही आनन्द है। यूँ तो हम संस्कृत के महा ग्रन्थों से जीवन के विभिन्न अङ्गों को... Read More
बाल्यकाल से ही विद्यार्थी इस कहानी को कण्ठस्थ कर सभी को सुनाते रहते हैं। चालाक लोमड़ी तथा अङ्गूर खट्टे हैं ये दो ऐसे कथन हैं... Read More
प्यासे कौवे की कहानी भारत में रहने वाले किस विद्यार्थी ने नहीं सुनी होगी। लगभग सभी भाषाओं में इस कहानी का अनुवादित रूप उपस्थित है।... Read More