काँटों में उग जाते फूल फ़िर भी हैं मुस्काते फूल कभी डरें न हम सङकट से हमको यह सिखलाते फूल... Read More
Month: April 2016
मैंने है एक तोता पाला सीधा साधा भोला भाला पिञ्जरे में बन्द रहता है रामराम वह कहता है... Read More
पानी बरसा छम छम छम छाता लेकर निकले हम फिसला पैर तो गिर गये हम नीचे छाता ऊपर हम... Read More
फल फूलों के वृक्ष लगाओ पाल पोसकर इन्हें बढ़ाओ पत्ते फूल न कुछ भी तोड़ो देखभाल में कमी न छोड़ो... Read More
आसमान में बादल घिरते झूमझूम इठलाता मोर पङखों को फैलाकर अपने सबको नाच दिखाता मोर... Read More
चन्दा मामा नीचे आ जा दूध मलाई आकर खा जा दे चाँदी की तुमको थाली खुद रख लूँगी छोटी प्याली... Read More
