13 thoughts on “Vineet Garg pays tribute to Suresh Suraiya

  1. Sir pranam… Jaise hi ye news suni to mera kaleja bhar aaya suresh ji ki aavaj hamesha amer rahegi…

  2. MA GOD SA PRARTHNA KARTA HU AAP KA JANM PHIR SA BHARAT JASA MAHAN DESH MA HO AUR PHIR SA AAP HUMA COMANTRY SUNYA. SIR KYO HUMA IS DUNYA KA BHIR MA AKALA CHALA GYA. SIR AAP KO YAAD KARTA HU AUR JE BHAR KA ROTA HU. PRABHU AAP KO IS DUNYA MA PHIR SA LAYA ASI KAMNA KARTA HU. HAREKRISHNA

  3. सर सुरेश सरयिया के जाने से क्रिकेट कमेंटरी को जो क्षति हुई है, उसकी भरपाई असंभव है. उनके जाने से एक युग का अंत हो गया है. आने वाली पीढ़ियों को इस बात का हमेशा मलाल रहेगा की वो सुरेश जी के युग का एक भाग न बन सके. जैसे आज मेरे जैसे क्रिकेट प्रेमियों को इस बात का मलाल रहता है की हम कभी भी Sir Donald Bradman को खेलता हुआ न देख सके.
    क्रिकेट के प्रति उनकी गहरी समझ उनके अंदाज़ ए बयां को आमजन तक सरलता से पहुंचा देती थी.मैंने बहुत से ऐसे क्रिकेट प्रेमियों से कहते सुना है की चाहे हमें अंग्रेजी का ज्ञान नहीं है लेकिन सुरेश जी कमेंटरी हमें 90-95% तक समझ आ जाती है.
    क्रिकेट क्रेजी इस देश में जहां लोगो तक क्रिकेट को पहुँचाने में रेडियो का बड़ा योगदान है, वहीं रेडियो कमेंटरी को घर घर तक पहुँचाने में सर सुरेश सरयिया का बहुत बड़ा योगदान था. उनकी भावुकता ने उन्हें अंत तक क्रिकेट से जोड़े रखा. विनीत गर्ग जी ने ठीक ही कहा है की उनके जाने से केवल अंग्रेजी कमेंटरी को ही नहीं, बल्कि समूह कमेंटरी जगत को गहरा सदमा लगा है क्योंकि हीरे की परख केवल जौहरी ही कर सकता है.
    विनीत सर, आपसे सम्पर्क में आने के बाद मुझे लगा की सर सुरेश जी से मेरे मिलने का स्वप्न साकार हो सकता है लेकिन शायद नियति को यह मंजूर न था.
    सर सुरेश सरयिया जी द्वारा क्रिकेट के लिए किये गए त्याग अपने आप में एक मिसाल है जिनका कोई सानी नहीं है.निस्वार्थ भावना से क्रिकेट की जो सेवा उन्होंने की है, आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा बने रहेंगे.
    मैंने कल भी लिखा था की उनके बारे में लिखते हुए शब्दों का आभाव हो जाता है. क्रिकेट कमेंटरी के भीष्म पितामह के लिए सच्ची श्रदांजलि यही होगी की जो नक्शा क्रिकेट कमेंटरी का वो बना कर गए है, उस रस्ते पर गिरते गिरते ही सही, अनुसरण करने की सभी क्रिकेट कमेंटटर यत्न करे.
    श्र्दासुमन सहित
    नरेश सिरसा

  4. suresh ji ko mere taraf se shradhanjali unke jaise commentator bahut kam hue hai.sureshji dawara bich bich main hindi keo ka shabad ishtamaal karte the toh bahut accha lagta tha

  5. Vineet Ji,

    Delhi me aapse to mulakat sambhav ho saki lekin suresh Ji se nahi mil saka. aapki vajah se unse baat to jarur hoti rahi. Suresh ji ko meri raraf se shrandhanjali.

  6. _____आ लौट के आजा
    मेरे मीत….

    तुझे. . . .

    मेरे गीत बुलाते हैँ. . . . . .!!

    मेरा सुना पङा रे संगीत…
    तुझे. . .
    मेरे गीत बुलाते हैँ. . . . .

    खत्म हो ये लम्बा अकाल!

    PLZ. . .PLZ. . .PLZ. . .
    प्रिय विनित गर्ग सर जी और
    सभी मित्रोँ से मेरा
    निवेदन
    की एक बार पुन: इस
    फोरम पर लौट आऐँ!!

    आपका कमल

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