भारतीय ज्योतिष एक शास्त्र से कम नहीं है तथा पूर्ण रूप से वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित है। इस लेख में हम एक ऐसे उदाहरण का... Read More
भगवान् सुर्य की दस सन्तानें हैं। विश्वकर्मा की पुत्री संज्ञा (अश्विनी) नामक पत्नी से वैवस्वत मनु, यम, यमी (यमुना), अश्विनीकुमारद्वय और रेवन्त तथा छाया से... Read More
तिथि का आरम्भ, वार का आरम्भ तथा दिन का आरम्भ उस स्थानपर् सूर्योदय से होता है। अँगरेजी तारीख का आरम्भ आधी रात से होता है।... Read More
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार विभिन्न ग्रह निम्न शरीर रचनाओ को नियन्त्रित करते हैं- सूर्य – अस्थि, जैव-विद्धुत्, श्वसनतन्त्र, नेत्र। चन्द्रमा – रक्त्त, जल, अन्तःस्त्रावी ग्रन्थियाँ (... Read More
वर्तमान काल में दिव्य नदी गङ्गा का जल इतना प्रदूषित हो चुका है कि ये सिञ्चायी अथवा कपड़े धोने के लिये भी अयोग्य है। ये... Read More
पवित्राणां पवित्रं या मङ्गलानां च मङ्गलम् । महेश्वरशिरोभ्रष्टा सर्वपापहरा शुभा ।। गङ्गा गङ्गेति यो ब्रूयाद् योजनानां शतैरपि। मुच्यते सर्वपापेम्यो विष्णुलोकं स गच्छति।। स्नानात् पानाच्च जाह्नव्यां... Read More
यदि आप सोच रहे हैं कि हनुमान ने ही सर्व प्रथम अशोक वाटिका में देवी सीता को देखा था तो आप एक घटना भूल रहे... Read More
सौरमास – इस मास का सम्बन्ध सूर्य से है। पृथ्वी की वार्षिक गति के कारण सूर्य विभिन्न राशियों को भोगता हुआ प्रतीत होता है। सूर्य... Read More
चान्द्र मासों के नाम नक्षत्रों के नाम पर रखे गये हैं। पूर्णिमा को जो नक्षत्र होता है, उस नक्षत्र के नाम पर उस मास का... Read More
हमारे ऋषि-मुनियों ने ठोस वैज्ञानिक आधार पर सप्ताह के वारों का क्रम निर्धारित किया है । पृथ्वी और सूर्य से घनिष्ठ सम्बन्ध रखने वाले सात... Read More
परम भक्तिमती द्रौपदी जिनकी गणना महान सतियों में होती है पाण्डवों की पत्नी तथा भगवान श्री कृष्ण की परम भक्त तथा प्रिय थीं। जब हस्तिनापुर... Read More