Month: November 2014

जीवन की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये धन अवश्य अर्जित करना चाहिये। सङ्कट समय के लिये बचत भी अवश्य करनी चाहिये। धन की तीन गतियाँ... Read More
एक छोटी बच्ची ने दरवाजा खोला और अपने भैया की गर्लफ्रैंड को देखकर बोली, “आप रोज-रोज भैया से मिलने आती हो आपका अपना भैया नहीं... Read More
Punctuation marks in Hindi (प्रमुख विराम-चिह्न) पूर्ण विराम – वाक्य के समाप्त होने पर यह चिह्न लगाया जाता है। इससे वाक्य के पूर्ण होने का... Read More
विराम-चिह्न (Punctuation Marks) वाक्य के अर्थ को स्पष्ट करने के लिए जो चिह्न लगाये जाते हैं, उन्हें विराम-चिह्न कहा जाता है। ‘विराम’ का अर्थ है ‘रुकना’।... Read More
जीवन जीने की कला ही जाच है। इसमें सुख-दु:ख, जय-पराजय और लाभ-हानी समान चलते हैं। भगवान् श्रीकृष्ण ने कहा है- ‘सुखदु:खे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ’।... Read More
अर्थ के आधार पर वाक्य आठ प्रकार के होते हैं। जो निम्नलिखित हैं- विधिवाचक – जिस वाक्य में किसी कार्य का करना या होना सामान्य... Read More